Category: Hindi Essays

सत्य की जीत

July 14, 2016

साँच बराबर ताप नहीं,  झूठ बराबर पाप नहीं |

वास्तव में सच की राह पर चलना किसी तप से कम नहीं है | सत्य मानव हृदय के गौरव का प्रतीक होता है |हमने देखा है कि जो मनुष्य सत्य का पालन करता है उसके चेहरे पर एक तेज होता है, उसकी वाणी में अपार शक्ति होती है और उसके जीवन में कोई डर भी नहीं होता | सच्चे व्यक्ति के वयवहार में साहस और उदारता भरी रहती है | यदि कोई व्यक्ति या समाज असत्य का सहारा लेता है तो वह अंत में अवनति को ही प्राप्त होता है |

राजा हरिशचंद की कथा से हमे ज्ञात होता है कि सत्य की रक्षा करने में वह कुछ भी करने के लिए तैयार थे | महात्मा गाँधी ने अपने जीवन में हमेशा सत्य को अपनाया और देश की आजादी की लड़ाई को एक नया मोड़ दिया | हम गर्व के साथ उन्हें अपने देश के राष्ट्रपिता के रूप में याद करते है |

झूठ के लिए अनेक साधनों का सहारा लेना पड़ता है | झूठ बोलना आसान होता है पर एक झूठ को निभाने के लिए सौ झूठ बोलने पड़ते है | असत्य बोलना एक बुरी लत के जैसा है , एक बार झूठ बोलने की आदत पड जाये तो आसानी से छुटती नहीं है | एक सत्यवादी मनुष्य हमेशा अपने प्रयासों में सफल होता है | असल में सत्य का मार्ग ही सफलता का मार्ग है |

सत्यमेव जयते!!